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Epistaxis Home Remedies in Hindi | नाक से खून बहना घरेलु उपाय

Epistaxis Home Remedies in Hindi | नाक से खून बहना घरेलु उपाय

भाई राजीव दीक्षित जी का सपना स्वस्थ भारत समृद्ध भारत प्रयास हमारा फैसला आपका..

नाक से खून(Epistaxis) बह रहा का कारण क्या है?

नकसीर (नाक से खून बहना/Epistaxis) रोग ज्यादा समय तक धूप में रहने से हो जाता है। बच्चों के ज्यादा खेलने के कारण या ज्यादा दौड़ने के कारण दिमाग में गर्मी चढ़ जाती है जिसकी वजह से नाक से खून बहने लगता है।

नाक पर चोट लग जाने की वजह से नाक के अन्दर की श्लैष्मिक कला (झिल्ली) फट जाती है और नाक से खून बहता रहता है। कुछ लोग ज्यादा गर्म चीजों का सेवन करते है जिसकी वजह से नाक से खून निकल सकता है। कई लोगों को हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्त चाप) हो जाता है जिसकी वजह से भी नाक से खून आ जाता है। कई बार लडकियों में मासिक धर्म बंद होने पर भी नाक से खून जाता है।

नकसीर(Epistaxis) भोजन और परहेज :

  • नकसीर (नाक से खून बहने/Epistaxis) के रोग में रोगी को ज्यादा समय तक धूप मे नहीं घूमना चाहिए और आग के पास भी नहीं बैठना चाहिए।
  • भोजन में ठंडे चीजों को ज्यादा खाना चाहिए और ठण्डी जगह में रहना चाहिए।
  • भोजन में गर्म पदार्थ और तेज मिर्च-मसाले नहीं खाने चाहिए।
  • इस रोग में गर्मी को दूर करने वाले सारे उपाय करने चाहिए।

नकसीर(Epistaxis) उपचार :

देशी गाय का घी या पंचगव्य धृत हल्का गुनगुना कर रात को सोने से पहले बिना तकिया के दोनो नाक में दो दो बून्द डाल धीरे से खिंचे नियमित 2 से 3 माह कर कईं असाध्य रोगों (खराटे,माइग्रेन,नजला,जुकाम,सर्दी,खाँसी,गले की समस्या,ब्रेन ट्यूमर,अनिद्रा,कफ के कभी रोग,साइनस इत्यादि) से छुटकारा पाये

पहला प्रयोगः
फिटकरी का पानी बनाकर उसकी कुछ बूँदें अथवा दूर्वा के रस की या निबौली के तेल की कुछ बूँदें डालने से नकसीर में लाभ होता है।
दूसरा प्रयोगः
10 से 50 मिलीलीटर हरे आँवलों के रस में 2 से 10 ग्राम मिश्री मिलाकर पीने से पुराने नकसीर में भी लाभ होता है।
तीसरा प्रयोगः
नकसीर के रोगी को ताजी धनिया का रस सुँघाने से तथा उसकी हरी पत्तियाँ पीसकर सिर पर लेप करने से गर्मी के कारण होनेवाली नकसीर में लाभ होता है।
चौथा प्रयोगः
आम की गुठली के रस का नस्य लेने (नाक से सूँघने से) लाभ होता है।

नाक से खून आने(Epistaxis) पर क्या करना चाहिए?

औषधियों से उपचार :

१. गाजर :

200 मिलीलीटर गाजर का रस और 50 मिलीलीटर पालक के रस को एक साथ मिलाकर पीने से नाक से खून बहना रुक जाता है।

२. तुलसी :

  • तुलसी के रस को नाक में डालने से नाक से खून बहना बंद हो जाता है।
  • तुलसी के पत्तों के रस की 3-4 बूंद नाक में 2-3 बार टपकाने से नकसीर में लाभ मिलता है।

३. पानी :

अगर ज्यादा तेज धूप में घूमने की वजह से नाक से खून बह रहा हो तो सिर पर लगातार ठंडे पानी को डालने से नाक से खून बहना बंद हो जाता है।

४. मूली :

अगर रोगी की नाक से ज्यादा खून बह रहा हो तो 30 ग्राम कच्ची मूली के रस में मिश्री मिलाकर पिलाने से आराम आता है।

५. सौंफ :

25 मिलीलीटर सौंफ को 25 ग्राम गुलाब के रस में मिलाकर खाने से नकसीर (नाक से खून बहना) ठीक जाती है।

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६. प्याज :

  • नकसीर में प्याज का रस नाक में डालनें से नाक का नकसीर व गले का संक्रमण ठीक होता है।
  • प्याज और पुदीने के रस को मिलाकर सूंघने से नकसीर (नाक से खून बहना) रुक जाता है।
  • प्याज के रस को बूंद-बूंद करके नाक में डालने से नकसीर (नाक से खून बहना) का रोग ठीक हो जाता है।
  • प्याज के रस को नाक से सूंघने से नाक से खून आना रुक जाता है।

७. नारियल :

  • गर्मियों के मौसम में लगभग 100 मिलीलीटर नारियल का पानी दिन में कई बार पीने से नकसीर का रोग नहीं होता है।
  • बासी मुंह (दांत मजंन किये बिना) 25 ग्राम नारियल खाने से नक्सीर का आना बंद हो जाता है। इसका इस्तमाल 7 दिनों तक कर सकते हैं।

८. पेठा :

  • रोजाना पेठे की मिठाई खाने से नकसीर (नाक से खून बहना) का रोग ठीक हो जाता है।
  • रात को सोते समय पेठे की मिठाई के 2 टुकड़ों को 1 गिलास पानी में डालकर रख दें। सुबह उठते ही पेठे को खा लें और उसके पानी को भी पी जायें। कुछ ही दिनों में नाक से खून बहना ठीक हो जाता है।
  • 50 ग्राम आगरे के पेठे को रात को एक मिट्टी के सिकोरे में पानी भर कर भिगो दें। सुबह पेठा खाकर यह पानी भी पी जाने से नाक से खून बहना चलना बंद हो जाता है।
  • पेठे के रस में इच्छानुसार नींबू या आंवले का रस मिलाकर पीने से नकसीर के रोग में लाभ होता है तथा फेफड़ों से खून का बहना भी ठीक हो जाता है।

९. देशी गाय का घी :

देशी गाय का घी या पंचगव्य नासिकाधृत की दो दो बूंद नियमित नाक में डालने से इस रोग से पूर्णतः मुक्ति मिल जाती है।

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१०. शीशम के पत्ते :

शीशम के पत्ते का रस पीने से अद्भुत लाभ मिलता है

नकसीर फूटना EPISTAXIS, NOSE BLEED

नकसीर EPISTAXIS, NOSE BLEED – परिचय

नकसीर फूटना(Epistaxis) रोग यदि साधारण हो तो अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन नकसीर फूटने का रोग बार-बार हो तो उसे रोकना कठिन होता है। नकसीर में खून हमेशा एक ही तरफ की नाक से न आकर स्वर नली या गलकोष या आमाशय से भी आता है।

नाक से खून का स्राव(Epistaxis) नाक के एक या दोनों छिद्रों से हो सकता है। यदि खून नाक के एक छिद्र से निकल रहा हो तो इसका कारण स्थानिक हो सकता है लेकिन नाक के दोनों छेद से खून निकलता हो तो इसका कारण शरीर का अन्य रोग हो सकता है।

नकसीर(Epistaxis) अधिकतर गर्मी के कारण फूटता है। बच्चों में यह रोग अधिक पाया जाता है। इस रोग को ठीक करने के लिए प्रयोग में ली जाने वाली मुख्य औषधियां इस प्रकार हैं- फेरम-आयोड की 3 शक्ति विचूर्ण, मिलिफोलियम की 3 शक्ति या ऐम्ब्रा-ग्रीशिया की 3 शक्ति आदि।

नकसीर क्यों आती है?

नाक या सिर में चोट लगने, नाक में कुछ घुस जाने, नाक खुरचने, नाक की हड्डी पर चोट लगने, मस्तिष्क में खून बढ़ जाने, जिगर का रोग, गर्मी के रोग, बहुत अधिक कार्य करने एवं खांसी आदि कारणों से नाक से खून बहने(Epistaxis) लगता है।

कभी-कभी मासिकधर्म बंद होने के कारण मासिकस्राव के स्थान पर नाक से खून आता है। बवासीर के मस्से से खून आना बंद होकर नाक के रास्ते से खून निकलने लगता है।

सर्दी का स्राव रुक जाने के कारण भी नाक से खून निकलने लगता है। कभी-कभी यह रोग सर्दी लगने, सनुसाइटिस रोग, नाक में फोड़ा होने, डिप्थीरिया रोग होने, नाक के बीच की दीवार में खराबी आने तथा फोड़ा होना आदि कारणों से भी नाक से खून निकलने लगता है।

नाक से खून संक्रमित बुखार के कारण से आ सकता है जैसे – फ्ल्यू, खसरा, डेंगू, सांस का रोग, टायफाइड, मलेरिया, उच्च रक्तचाप, कैंसर, धमनी या शिरागत ब्रोंकाइटिस आदि।

शरीर में विटामिन – ´सी´, ´बी´-12, फ्लोरिक ऐसिड एवं विटामिन – ´के´ की कमी के कारण नाक से खून का स्राव होता है।

नकसीर फूटना (Epistaxis) – लक्षण

नाक से खून आना, नाक से होकर गले में खून आने से खून मिला हुआ बलगम आना। गले में फंसे बलगम के साथ खून आना या नाक का बंद होना आदि इस रोग के लक्षण होते हैं।

रोग को ठीक करने के लिए औषधियों से उपचार करने के साथ ही अन्य उपाय :

  • इस रोग में पानी को हल्का गर्म करके उसमें नमक मिलाकर इससे नाक व मुंह को धोएं इससे नाक में जमे मैल आदि बाहर निकल जाएंगे।
  • नाक से खून आने की साधारण अवस्था में हैमामेलिस- मदर टिंचर औषधि की 1 से 2 बूंद नाक में लेने से रोग ठीक हो जाता है।
  • गर्म पानी से नाक धोने पर कभी-कभी नकसीर रोग में लाभ मिलता है।
  • यदि नाक से खून निकल रहा हो तो दोनों हाथ को सिर के ऊपर ऊंचा उठाकर रखें। इससे नाक से खून निकलना बंद हो जाता है।
  • मुंह बंद करके नाक से सांस लेने व छोड़ने की क्रिया करें इससे नाक से खून निकलना बंद हो जाता है।
  • रोगी को गर्दन और नाक की जड़ पर बर्फ का ठंडा पानी देना चाहिए।
  • नाक से तेज रक्तस्राव होने पर मेरूदण्ड पर ठण्डा पानी या बर्फ का पानी डालने से नाक से खून आना बंद हो जाता है। इससे लाभ न हो और रोगी की हालत अधिक खराब हो तो तुरन्त खूब नर्म कपड़े की पोटली बनाकर उससे रोगी के नाक को बंद कर देना चाहिए।
  • रोगी के नाक में शुद्ध सरसों का तेल डालना चाहिए, ठंडे पानी से नहाना चाहिए और हल्का व पुष्टकारक भोजन करना चाहिए।

सावधानी :

रोगी को शराब, सिगरेट व अन्य उत्तेजक पदार्थो का सेवन नहीं करना चाहिए। अधिक शारीरिक या मानसिक कार्य भी नहीं करना चाहिए।

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